BhaktiVed
ॐ

Padmavtina Jaydev Swami

BhajanAuthor: ગંગાસતી (Gangasati)

पदमावतीना जयदेव स्वामी

पदमावतीना जयदेव स्वामी

तेनो परिपूर्ण कहुं ईतिहास रे,

एकाग्र चित्ते तमे सांभळजो पानबाई,

ए तो थयां हरिनां दासजी ... पद्मावतीना.

गीत गोविंदनुं जयदेवे कीधुं,

जेनुं नाम अष्टपदी कहेवायजी,

पद पद प्रते भक्तिरस प्रगट्यो,

जेथी पदमावती सजीव थायजी ... पद्मावतीना.

गोपीयुं ने कृष्णनी लीला लखतां,

जयदेव रह्या जोने समाय जी,

स्वहस्ते आवीने गोविंद लखी गया,

प्रत्यक्ष हस्तप्रत मांह्यजी ... पद्मावतीना.

भक्ति एवी परम पददायिनी

तमने कहुं छुं, समजायजी,

गंगा सती एम बोलियां रे पानबाई,

तो जीव मटीने शिव थायजी .... पद्मावतीना.

No video for this text yet.Search on YouTube

Also read