BhaktiVed
Ram

Payoji Mainne Ram-ratan

BhajanAuthor: મીરાંબાઈ (Meera Bai)

राग तिलक कामोद - तीन ताल

पायोजी मैंने राम-रतन धन पायो.

वस्तु अमिलिक दी मेरे सतगुरू, किरपा कर अपनायो.

जनम जनमकी पूंजी पाई, जगमें सभी खोवायो.

खरचै न खूटे, वाको चोर न लूटे, दिन दिन बढत सवायो

सतकी नाव, खेवटिया सतगुरु, भव-सागर तर आयो.

मीरां के प्रभु गिरिधर नागर, हरख हरख जस गायो.

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