BhaktiVed
Krishna

Piya Karan Re Pili Bhai Re

BhajanAuthor: મીરાંબાઈ (Meera Bai)

पिया कारण रे पीळी भई रे, लोक जाणे घटरोग,

छपछपलां में कंई मोई पियुने मिलन लियो जोग रे.

नाडी वैद्य तेडाविया रे, पकड ढंढोळे मोरी बांह,

ए रे पीडा परखे नहीं, मोरा दरद काळजडानी मांह्य रे.

जाओ रे वैद्य घेर आपने रे, मारुं नाम ना लेश,

हुं रे घायल हरि नामनी रे, माई केडो लई ओषधना देश रे.

अधरसुधा रसगागरी रे, अधररस गोरस लेश,

बाई मीरां के प्रभु गिरधर नागर, फरीने अमीरस पीवेश रे.

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