BhaktiVed
Ram

Ram Ramkadun Jadiyun Re

BhajanAuthor: મીરાંબાઈ (Meera Bai)

राम रमकडुं जडियुं रे, राणाजी; मने राम रमकडुं जडियुं. टेक

रूमझुम करतुं मारे मंदिरे पधार्युं;

नहि कोईना हाथे घडियुं रे; राणाजी०

मोटा मोटा मुनिजन मथी मथी थाक्या;

कोई एक विरलाने हाथे चडियुं रे; राणाजी०

सूना शिखरना घाटथी उपर;

अगम अगोचर नाम पडियुं रे;राणाजी०

बाई मीरां कहे प्रभु गिरधर नागर;

मन मारुं शामळिया संग जडियुं रे; राणाजी०

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