BhaktiVed
Ram

Ram Sabhaman Ame

BhajanAuthor: નરસિંહ મહેતા (Narsinh Mehta)

राम सभामां अमे

राम सभामां अमे रमवाने ग्यां'तां

पसली भरीने रस पीधो, हरिनो रस पुरण पायो.

पहेलो पियालो मारा सदगुरूए पायो,

बीजे पियाले रंगनी रेली

त्रीजो पियालो मारां रोमे रामे व्योप्यो

चोथे पियाले प्रभुजी जेवी ...राम सभामां

रस बस एकरूप थइ रसिया साथे,

वात न सुझे बीजी वाटे

मोटा जोगेश्वर जेने स्वप्ने न आवे

ते मारा मंदिरीयामां म्हाले रे ... राम सभामां

अखंड हेवातण मारा सदगुरूए दीधां

अखंड सौभागी अमने कीधां रे

भले मळ्या महेता नरसैंइना स्वामी

दासी परम सुख पामी रे ... राम सभामा

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