BhaktiVed
कृष्ण

रंगे रमे आनंदे रमे

garbaरचना: વલ્લભ ભટ્ટ (Vallabh Bhatt)

रंगे रमे आनंदे रमे

रंगे रमे आनंदे रमे रे

आज नवदुर्गा रंगे रमे

आदित्ये आविया अलबेली

मंडपमां मतवाला रे भमे

आज नवदुर्गा रंगे रमे

सोळे शणगार माना अंगे सुहावे

हीरला रतन माने अरूणा समे

आज नवदुर्गा रंगे रमे

मंगळवारे माजी छे उमंगमां

चाचर आवीने गरबे रमे

आज नवदुर्गा रंगे रमे

बुधवारे माजी बेठा विराजे

रास विलास माए गायो छे

आज नवदुर्गा रंगे रमे

गुरुवारे मा गरबे रमे छे

चंदन पुष्प ते माने गमे

आज नवदुर्गा रंगे रमे

शुक्रवारे माजी भाव धरीने

हेते रमे ते माने गमे

आज नवदुर्गा रंगे रमे

शनिवारे महाकाळी थया छे

भक्त भोजन माने गमता जमे

आज नवदुर्गा रंगे रमे

वल्लभ कहे माने भावे भजो ने

रास विलास गायो सौए अमे

आज नवदुर्गा रंगे रमे

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