BhaktiVed
कृष्ण

शोभा सलूणा श्यामनी

भजनरचना: દયારામ (Dayaram)

शोभा सलूणा श्यामनी

तुं जो ने सखी ! शोभा सलूणा श्यामनी.

कोटि कंदर्प लजावे एनुं मुखडुं ,

फीकी पडे छे कला कामनी. तुं जोने.

सद्गुण सागर नटवर नागर ,

बलिहारी हुं एना नाम नी . तुं जोने.

कोटि आभूषणनुं ए रे भुषण,

सीमा तुं छे ए अभिरामनी. तुं जोने.

समजे एने सार सरवनुं ,

बीजी वस्तु नथी कामनी . तुं जोने.

अनुपमए अलबेलो रसियो,

जीवनमूडी दयाराम नी . तुं जोने.

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