BhaktiVed
कृष्ण

सुंदरश्याम, तजी हो अमने

भजनरचना: મીરાંબાઈ (Meera Bai)

सुंदरश्याम, तजी हो अमने

बलिहारी रसिया गिरिधारी,

सुंदरश्याम, तजी हो अमने, मथुराना वासी न बनीएजी.

वांसलडी वागी एवा भणकारा वागे छे,

व्रज-वाट लागे हवे खारी ... सुंदरश्याम.

जमुनानो कांठो वा’ला, खावाने दोडे छे,

अकळावी दे छे हवे भारी ... सुंदरश्याम.

वृंदावन केरी शोभा तम विण अमने तो,

नजरे दीठी नव लागे सारी ... सुंदरश्याम.

गोवर्धन तोळ्यो वा’ला, टचली आंगळीए रे,

अम पर ढोळ्यो गिरधारी ... सुंदरश्याम.

बाई मीरां कहे छे प्रभु, गिरिधर नागर,

सहाय करी लेजो शुद्ध मारी ... सुंदरश्याम.

इस पाठ का वीडियो नहीं है।YouTube पर खोजें

ये भी पढ़ें