BhaktiVed
कृष्ण

तमे रे सोनु ने अमे राख

भजनरचना: મીરાંબાઈ (Meera Bai)

तमे रे सोनु ने अमे राख

तमे रे सोनु ने अमे राख,

राणाजी अमने राखना मळ्या छे सवा लाख.

हेजी मारुं मनडुं भूले छे एनी जात

राणाजी अमने राखना मळ्या छे सवा लाख.

सोनुं अमने शोभे नहि राणा

अमारे तो जोइए तुलसीनी माळा

हेजी एवी ममता बळीने थइ छे खाख

राणाजी अमने राखना मळ्या छे सवा लाख.

अंगे भभूती भरी तनने सजाव्युं अमे,

राखे रगडीने एवुं मनने उजाळ्युं अमे

हेजी एवी झीणी झबुके प्रेम आग

राणाजी अमने राखना मळ्या छे सवा लाख.

बाइ मीरां कहे प्रभु गिरिधर नागर,

सहेजे तरी ग्यां आ भवसागर

हेजी एवी आंखो बनी छे पंड पाथ

राणाजी अमने राखना मळ्या छे सवा लाख.

इस पाठ का वीडियो नहीं है।YouTube पर खोजें

ये भी पढ़ें