BhaktiVed
कृष्ण

तुम घर आज्यो हो

भजनरचना: મીરાંબાઈ (Meera Bai)

राग देस - ताल तिताला

भगवन, पति, तुम घर आज्यो हो !

व्यथा लगी तन मंहिन, म्हारी तपत बुझाज्यो हो

रोवत-रोवत डोलता, सब रैण बिझावै हो,

भूख गई, निंदरा गई, पापी जीव न जावै हो.

दुखियां कू सुखिया करो, मोहि दरशन दीजै हो,

मीरां व्याकुल बिरहणी, अब विलंब न कीजै हो.

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