BhaktiVed
Mata / Devi

Uncha Nicha Re

garba

ऊंचा नीचा रे

ऊंचा नीचा रे माडी तारा डुंगरा रे लोल,

के डुंगर उपर टहुके झीणा मोर;

के गरबे रमवा आवजो रे लोल. ऊंचा नीचा रे०

पहेलो पत्र रे पावागढ मोकल्यो रे लोल,

के देजो मारी काळका माने हाथ;

के गरबे रमवा आवजो रे लोल. ऊंचा नीचा रे०

बीजो पत्र रे आबुगढ मोकल्यो रे लोल,

के देजो मारी अंबा माने हाथ;

के गरबे रमवा आवजो रे लोल. ऊंचा नीचा रे०

त्रीजो पत्र रे शंखलपुर मोकल्यो रे लोल,

के देजो मारी बहुचर माने हाथ;

के गरबे रमवा आवजो रे लोल. ऊंचा नीचा रे०

चोथो पत्र रे आरासुर मोकल्यो रे लोल,

के देजो मारी आरासुरी माने हाथ;

के गरबे रमवा आवजो रे लोल. ऊंचा नीचा रे०

पांचमो पत्र रे अमदावद मोकल्यो रे लोल,

के देजो मारी भद्रकाळी माने हाथ;

के गरबे रमवा आवजो रे लोल. ऊंचा नीचा रे०

No video for this text yet.Search on YouTube

Also read