BhaktiVed
कृष्ण

उपाडी गांसडी वेठनी रे

भजनरचना: મીરાંબાઈ (Meera Bai)

उपाडी गांसडी वेठनी रे

उपाडी गांसडी वेठनी रे,

केम नाखी देवाय?

ए छे रणछोडराय शेठनी रे

ए छे शामलशा शेठनी रे.

केम नाखी देवाय?

ऊनी ऊनी रेतीमां पग तपे छे,

लू वाय छे मास जेठनी रे,

केम नाखी देवाय?

बाइ मीरां के प्रभु गिरिधर नागर,

ल्हे लागी छे मने ठेठनी रे,

केम नाखी देवाय?

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