BhaktiVed
कृष्ण

वारी जाउं रे सुंदर श्याम! तमारा लटकाने

भजनरचना: નરસિંહ મહેતા (Narsinh Mehta)

वारी जाउं रे सुंदर श्याम! तमारा लटकाने

वारी जाउं रे सुंदर श्याम तमारा लटकाने.

लटके गोकुळ गौ चारीने, लटके वायो वंस रे,

लटके जई दावानळ पीधो, लटके मार्यो कंस रे ... वारी जाउं.

लटके जई गोवर्धन धरियो, लटके पलवट वाळी रे,

लटके जई जमुनामां पेसी, लटके नाथ्यो काळी रे ... वारी जाउं.

लटके वामन रूप धरीने, आव्या बलिने द्वार रे,

उठ कदंब अवनी मागी, बलि चांप्यो पाताळे रे ... वारी जाउं.

लटके रघुपति रूप धरीने, तातनी आज्ञा पाळी रे,

लटके रावण रण मारीने, लटके सीता वाळी रे ... वारी जाउं.

एवा लटका छे घणेरा, लटका लाख करोड रे,

लटके मळे नरसैंना स्वामी, हींडे मोडामोड रे ... वारी जाउं.

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