BhaktiVed
माता

वात बहार जाय नहीं

garba

वात बहार जाय नहीं

वात बहार जाय नहीं (२)

आतो तमे रह्या घरना बीजा, कोइअने कहेवाय नहीं

नाम होय सुनयना, आंख एनी बाडी,

डाह्याभाइअनो दीकरो, वात करे गांडी.

काणाने काणो कही, कदी बोलावाय नहिं… आतो तमे रह्या घरना

जूठी आ दुनियानी वात बधी जूठी,

वात करे लाखोनी, खाली होय मूठी.

जूठाने जूठो कही, कदी वगोवाय नहि… आतो तमे रह्या घरना

नीवडे कपूत तोय शेठियानो सुत शाणो,

उपरथी फूल जेवो अंदरथी मोटो पाणो

समजुओं समजाय छतां बोल्युं बोलाय नहि … आतो तमे रह्या घरना

विशेष माहिती

आ रचना गुजराती चित्रपट रमता राम मां वपरायुं छे.

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