BhaktiVed
Krishna

Yaduvar Lagat Hai Mohe Pyaro

BhajanAuthor: મીરાંબાઈ (Meera Bai)

पद ४९ राग गोडी.

यदुवर लागत है मोहे प्यारो. टेक

मथुरा में हरि जनम लियो है, गोकुल में पग धारो,

जन्मत हि पूतना गति दीन्ही, अधम उद्धारण हारो— यदुवर. १.

यमुना के तीर धेनु चरावे, ओढे कामळो काळो.

सुंदर वन कमलदल लोचन, पीतांबर पटवारो— यदुवर.

मोर मुकुट मकराकृत कुंडल, कर में मुरली धारो,

शंख चक्र गदा पद्म बिराजै, संतन के रखवारो— यदुवर.

जल बूडत गज राखि लियो है, कर पर गिरिवर धारो,

मीरां के प्रभु गिरिधर नागर! जीवन प्राण हमारो— यदुवर.

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