BhaktiVed
कृष्ण

यमुनामें कूद पड्यो कनैयो

भजनरचना: મીરાંબાઈ (Meera Bai)

यमुनामें कूद पर्यो, कनैयो, तेरो यमुना में कूद पर्यो टेक

पेसी पैयारे कालि नाग नाथ्यो, फन पर निरत कर्यो— कनैयो. १.

नंदबावा घर नोबत बाजे, कंसराय देडके डर्यो— कनैयो. २.

मात यशोदा रुदन करत है, नैनो में नीर झर्यो— कनैयो. ३.

टचली आंगळीए गोवर्धन तोर्यो, ईन्द्र नो मान हर्यो— कनैयो. ४.

बाई मीरां कहे प्रभु गिरिधरना गुण, मथुरा में वास कर्यो— कनैयो. ५.

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