BhaktiVed
Krishna

Mira Magan Bhai Hari Ke Gun Gay

BhajanAuthor: मीराबाई (Meera Bai)

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मीरा मगन भई हरि के गुण गाय।

साँप पिटारा राणा भेज्या, मीरा हाथ दियो जाय।

न्हाय धोय जब देखण लागी, सालिगराम गई पाय॥

मीरा मगन भई हरि के गुण गाय।

जहर का प्याला राणा भेज्या, अमृत दीन्ह बनाय।

न्हाय धोय जब पीवण लागी, हो गई अमर अँचाय॥

मीरा मगन भई हरि के गुण गाय।

सूल सेज राणा ने भेजी, दीज्यो मीरा सुलाय।

साँझ भई मीरा सोवण लागी, मानो फूल बिछाय॥

मीरा मगन भई हरि के गुण गाय।

मीरा के प्रभु सदा सहाई, राखे बिघन हटाय।

भजन भाव में मस्त डोलती, गिरिधर पर बलि जाय॥

मीरा मगन भई हरि के गुण गाय।

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Source: Meera Bai pad; standard Meera Padavali text as commonly sung

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