संदेश पाने वाले व्यक्ति के अनुसार चुनें। सामान्य शुभकामनाएं सभी के लिए हैं; दांपत्य वाले पारंपरिक संदेश उन्हें भेजें जिन्हें वे पसंद हों। ये मौलिक शुभकामनाएं हैं, मंत्र नहीं।
सभी के लिए (3)
अट्ला तद्दी की शुभकामनाएं! आपका दिन शांत, घर खुशहाल और रिश्ते स्नेह से भरे रहें।
यह अट्ला तद्दी आपके लिए छोटी-छोटी खुशियां, अपनों का साथ और सुंदर यादें लेकर आए।
अट्ला तद्दी की शुभकामनाएं। आप जहां भी हों, अपनों का स्नेह आप तक पहुंचे।
परिवार के लिए (3)
परिवार के सभी सदस्यों को अट्ला तद्दी की शुभकामनाएं! साथ हंसने और स्नेह बांटने के अवसर बढ़ते रहें।
दूर रहकर भी दिल के करीब अपने परिवार को अट्ला तद्दी की शुभकामनाएं। सबको प्यार।
अट्ला तद्दी पर घर की यादें और मीठी हों। बड़ों के स्नेह और बच्चों की हंसी से त्योहार खिल उठे।
माता-पिता और बड़ों के लिए (3)
माता-पिता को अट्ला तद्दी की शुभकामनाएं। आपके प्यार और हमें अपनी परंपराओं से जोड़ने के लिए धन्यवाद।
सभी बड़ों को सादर अट्ला तद्दी की शुभकामनाएं। आपकी बातें और यादें हमारे त्योहार को खास बनाती हैं।
दादी-नानी को अट्ला तद्दी की शुभकामनाएं! आपके साथ बैठकर त्योहार की कहानियां सुनना हमारे लिए अनमोल है।
दोस्तों के लिए (3)
प्यारे दोस्तों को अट्ला तद्दी की शुभकामनाएं! आज आपके साथ हंसी और एक अच्छी याद बांटने का मन है।
झूले की मस्ती और मेहंदी के रंगों जैसी खूबसूरत हो आपकी अट्ला तद्दी। दोस्ती भरी शुभकामनाएं!
साथ त्योहार न मना सकें तो भी अट्ला तद्दी की यह शुभकामना खास तुम्हारे लिए है। खुश रहो, जल्द मिलते हैं!
बच्चों के लिए (3)
बच्चों को अट्ला तद्दी की शुभकामनाएं! रंग भरो, गीत गाओ और बड़ों के साथ सुंदर यादें बनाओ।
अट्ला तद्दी तुम्हारे लिए नई कहानियां, मज़ेदार खेल और ढेर सारी मुस्कानें लाए। सभी बच्चों को प्यार!
इस अट्ला तद्दी एक गीत सीखो, एक चित्र बनाओ और अपनी मुस्कान से घर रोशन करो। त्योहार की शुभकामनाएं!
जीवनसाथी के लिए (3)
तुम्हारे साथ बिताए छोटे पल ही मेरे लिए उत्सव हैं। हमारी दोस्ती और परस्पर सम्मान बना रहे। अट्ला तद्दी की शुभकामनाएं!
अट्ला तद्दी पर तुम्हें प्यार भरी शुभकामनाएं। ज़िम्मेदारियां बांटते और एक-दूसरे के लिए समय निकालते हुए साथ बढ़ें।
मेरे जीवनसाथी को अट्ला तद्दी की शुभकामनाएं। तुम्हारे सपनों को मेरा साथ और मेरी खुशियों को तुम्हारी दोस्ती मिलती रहे।
पारंपरिक आशीर्वाद (3)
गौरी माता की कृपा से घर में शांति, दांपत्य में स्नेह और परिवार में आनंद बना रहे। अट्ला तद्दी की शुभकामनाएं।
अट्ला तद्दी नोमु रखने वालों को श्रद्धापूर्ण शुभकामनाएं। गौरी माता के आशीर्वाद से आपका त्योहार शांतिमय हो।
गौरी माता को अट्लु अर्पित करते हुए मन में कृतज्ञता और घर में अपनापन बढ़े। अट्ला तद्दी की शुभकामनाएं।
छोटे संदेश और स्टेटस (3)
अट्ला तद्दी की शुभकामनाएं! स्नेह बांटें, खुशी से मनाएं।
मेहंदी के रंग, झूले की मस्ती और अपनों की मुस्कान — शुभ अट्ला तद्दी!
अट्ला तद्दी पर आपके घर में शांति और मन में आनंद हो।
त्योहार एक नज़र में
2026 की तारीख
बुधवार, 28 अक्टूबर 2026
तिथि
आश्वयुज कृष्ण तृतीया
आराध्य देवी
गौरी / पार्वती
प्रमुख क्षेत्र
आंध्र प्रदेश, तेलंगाना और अन्य स्थानों के तेलुगु परिवार
विशेष परंपराएं
अट्लु, मेहंदी, झूले और गौरी पूजा
आंध्र प्रदेश और तेलंगाना में मनाया जाने वाला अट्ला तद्दी आश्वयुज कृष्ण तृतीया का त्योहार है। गौरी पूजा, मेहंदी, झूले और अट्लु (डोसे) इसकी परंपराओं में शामिल हैं। रीति-रिवाज परिवार के अनुसार बदलते हैं।
कथा सुनने के लिए पहला और पूजा की जानकारी के लिए दूसरा वीडियो चुनें। दोनों तेलुगु में हैं; नीचे की लिखित गाइड हिंदी, तेलुगु और अंग्रेज़ी में उपलब्ध है।
अट्ला तद्दी व्रत कथा — तेलुगु में सुनें
अट्ला तद्दी नोमु की कहानी सुनने वालों के लिए तेलुगु कथन।
SWARNA'S SWEET HOME · 5:35 · తెలుగు
रमा रावी: अट्ला तद्दी पूजा की व्याख्या
रमा रावी की अट्ला तद्दी पूजा संबंधी व्याख्या। अपनी पारिवारिक परंपरा के अनुसार समझें।
SumanTV Omkaram · 10:10 · తెలుగు
वीडियो में बताई गई परंपराएं परिवार के अनुसार बदल सकती हैं। तारीख और चंद्रोदय के लिए इस पेज की 2026 जानकारी और अपना स्थानीय पंचांग देखें। वीडियो अपने आप नहीं चलते।
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त्योहार की पूरी जानकारी
अट्ला तद्दी क्या है?
अट्ला तद्दी तेलुगु परिवारों का भक्ति, खेल और मेल-मिलाप से जुड़ा त्योहार है। “अट्लु” का अर्थ डोसे और “तद्दी” या “तदिया” का अर्थ पक्ष की तीसरी तिथि है। यह आश्वयुज पूर्णिमा के बाद कृष्ण तृतीया को मनाया जाता है। Atla Taddi, Atla Tadde और Atla Thaddi इसी त्योहार के अलग अंग्रेज़ी रूप हैं।
व्रत की परंपरा में महिलाएं गौरी माता से सौभाग्य और प्रियजनों के कल्याण की प्रार्थना करती हैं। त्योहार को समझने या शुभकामनाएं देने के लिए व्रत रखना आवश्यक नहीं है। पहली बार जानने वाले लोग भी परिवार के साथ समय बिताकर और परंपराओं के बारे में पूछकर जुड़ सकते हैं।
अट्ला तद्दी 2026 की तारीख और पूजा का समय
2026 में अट्ला तद्दी बुधवार, 28 अक्टूबर को है। यह चंद्र-पंचांग पर आधारित त्योहार है, इसलिए अंग्रेज़ी कैलेंडर की तारीख हर साल बदलती है।
कई परिवार शाम को गौरी पूजा करते हैं और चंद्र-दर्शन के बाद व्रत पूरा करते हैं। चंद्रोदय, तिथि का अंत और परिवार की पूजा का समय अलग बातें हैं। पूरे देश के लिए एक ही समय देना उचित नहीं। अपने शहर का पंचांग देखें; विदेश में रहने पर भारत के समय को सीधे लागू न करें।
अट्ला तद्दी का महत्व: भक्ति, रिश्ते और संस्कृति
गौरी माता की भक्ति इस त्योहार का आध्यात्मिक केंद्र है। पारंपरिक प्रार्थनाओं में दांपत्य की मंगलकामना रहती है। साथ ही बड़ों की यादें, महिलाओं का परस्पर सहयोग और मिलकर भोजन बनाना इसे व्यक्तिगत अर्थ देते हैं। आशीर्वाद आस्था का विषय हैं; किसी अनुष्ठान से जीवन का परिणाम निश्चित होने का दावा नहीं करना चाहिए।
झूले और लोकगीत इसके आनंदपूर्ण पक्ष की याद दिलाते हैं। ग्रामीण परंपराओं के अध्ययन में भी खेलों की भूमिका मिलती है। आज के परिवार के लिए उपयोगी प्रश्न यह है कि हम अपनों को समय कैसे दें, न कि दूसरे लोग कितना बड़ा आयोजन कर रहे हैं।
अट्ला तद्दी व्रत कथा — कहानी का सार
अट्ला तद्दी नोमु की कथा के क्षेत्रीय और पारिवारिक रूप मिलते हैं। कुछ में गौरी और शिव के प्रति उनकी भक्ति है, अन्य में एक युवती का व्रत, चंद्र-दर्शन और व्रत को दोबारा पूरा करना है। इन्हें भक्तिपरक लोककथाओं के रूप में समझें, प्रमाणित ऐतिहासिक घटनाओं के रूप में नहीं।
एक प्रचलित रूप में व्रत रखने वाली युवती भूख से कमज़ोर पड़ती है। उसके भाई उसे खिलाने के लिए कृत्रिम रोशनी को चांद बताकर दिखाते हैं। बाद में व्रत अधूरा रहने का पता चलने पर वह गौरी के मार्गदर्शन में फिर उसे पूरा करती है। नाम और अंत अलग रूपों में बदलते हैं। इस कथा से किसी व्यक्ति को बीमारी या पारिवारिक कठिनाई का दोष न दें।
बच्चों को कहानी सुनाते समय ईमानदारी, परंपरा के उद्देश्य और परिवार की देखभाल पर बात करें। कहानी की कठिनाइयों को उनके भविष्य के लिए डर या धमकी न बनाएं। संपूर्ण अनुष्ठानिक पाठ के लिए अपने परिवार की नोमु पुस्तक या बड़ों का मार्गदर्शन लें; यह संक्षिप्त परिचय उसका विकल्प नहीं है।
नीचे दिया क्रम सामान्य तैयारी का सुझाव है। संकल्प, मंत्र, वायनम का क्रम और व्रत की समाप्ति अपनी पारिवारिक परंपरा के अनुसार रखें। हर वस्तु खरीदना या नई सजावट करना आवश्यक नहीं है।
पहले: आने वालों, पालन की जाने वाली परंपरा और भोजन के समय पर बात करें। स्थानीय पंचांग देखें।
तैयारी: पूजा का स्थान साफ करें और उपलब्ध पूजा-सामग्री, अट्लु का घोल व बर्तन तैयार रखें।
दिन में: इच्छानुसार मेहंदी, गीत और सुरक्षित झूले का आनंद लें। बड़ों से त्योहार की यादें सुनें।
शाम: परिवार की रीति से गौरी पूजा, नैवेद्य, कथा या आरती करें। दीपक के पास वयस्क की देखरेख रखें।
बांटना: वायनम की परंपरा हो तो उसी अनुसार दें। मेहमानों की ज़रूरतों का ध्यान रखते हुए भोजन और शुभकामनाएं साझा करें।
आमतौर पर गौरी का चित्र या घर में पूजित स्वरूप, हल्दी, कुमकुम, फूल, दीपक, पानी, फल और नैवेद्य के लिए अट्लु रखे जाते हैं। अक्षत, पान के पत्ते और सुपारी जैसी अतिरिक्त सामग्री परिवार की रीति पर निर्भर है। सूची पहले बड़ों से मिलाने पर अंतिम समय की भागदौड़ कम होती है।
वायनम व्रत से जुड़ा भोजन और पारंपरिक भेंट देना है। कुछ परिवार विवाहित महिलाओं को अट्लु, फल, हल्दी और कुमकुम देते हैं। अट्लु की संख्या, पाने वालों की संख्या और भेंट अलग हो सकती हैं। किसी एक संख्या को सभी के लिए अनिवार्य नियम न मानें।
अट्लु और त्योहार का भोजन
अट्लु इस त्योहार को नाम देने वाला प्रमुख व्यंजन है। छोटे डोसे नैवेद्य में रखे और परिवार की परंपरा से बांटे जाते हैं। घोल, स्वाद और आकार क्षेत्र व परिवार के अनुसार बदल सकते हैं। कुछ परंपराओं में सूर्योदय से पहले चावल, दही और गोंगूरा चटनी का भोजन होता है; सभी परिवारों के लिए एक ही मेनू आवश्यक नहीं।
सरल घरेलू तैयारी के लिए अपना परिचित डोसा घोल लें। तवे पर छोटे डोसे बनाकर अच्छी तरह पकाएं और नैवेद्य का भाग पारिवारिक रीति से अलग रखें। यह सामान्य रसोई-सुझाव है, व्रत के घोल का धार्मिक नियम नहीं। मेहमानों को परोसे जाने वाले भोजन की सामग्री पहले बता दें।
बच्चों से बड़ों तक सबके लिए उत्सव
बच्चे रंगोली, कागज़ के फूल या बड़ों से गीत सीखने में शामिल हो सकते हैं। झूले पर वयस्क की निगरानी रखें। बच्चों पर भोजन या पानी छोड़ने का दबाव डालने के बजाय उन्हें परंपरा समझने दें। युवा परिवार की यादें लिख सकते हैं या दूर रहने वालों से वीडियो कॉल करा सकते हैं।
बड़ों के लिए आराम से बैठने और बातचीत का समय रखें। व्रत न रखने वाले, अकेले रहने वाले या जीवनसाथी खो चुके लोग भी स्नेहपूर्ण शुभकामनाओं के उतने ही अधिकारी हैं। सामूहिक संदेश में शांति, स्वास्थ्य और अपनापन चुनें; विवाह या संतान के बारे में व्यक्तिगत अनुमान न लगाएं।
तैयारी, खाना और सफाई सब मिलकर करें ताकि उत्सव किसी एक का बोझ न बने। व्रत व्यक्तिगत निर्णय है; दूसरों की विधि की तुलना करके निर्णय सुनाना आवश्यक नहीं। नए मेहमान को हर चरण सहज भाषा में समझाएं।
उपयुक्त शुभकामना कैसे चुनें?
परिवार के मिश्रित समूह या सहकर्मियों के लिए सामान्य संदेश चुनें। बड़ों के लिए सम्मान और धन्यवाद, बच्चों के लिए आनंद और खेल, दोस्तों के लिए अपनापन उपयुक्त है। दांपत्य का आशीर्वाद उन्हें ही भेजें जिन्हें वह पसंद हो। एक निजी पंक्ति कार्ड को अधिक आत्मीय बनाती है।
नीचे संदेश कॉपी करके भेजें या “इस संदेश से कार्ड बनाएं” चुनें। कार्ड की भाषा, नाम और संदेश बदलें। शेयर करने से पहले नाम और पठनीयता जांचें। किसी और की फोटो लगाने से पहले उनकी अनुमति लें।
अक्सर पूछे जाने वाले प्रश्न
अट्ला तद्दी 2026 कब है?
बुधवार, 28 अक्टूबर 2026। अपने स्थान की पूजा के समय के लिए स्थानीय पंचांग देखें।
क्या अट्ला तद्दी और करवा चौथ एक हैं?
नहीं। चंद्र-दर्शन और दांपत्य की मंगलकामना जैसे पक्ष समान हैं, लेकिन अट्ला तद्दी तेलुगु तृतीया की परंपरा और करवा चौथ चतुर्थी का पर्व है। भोजन और विधियां अलग हैं।
क्या अविवाहित लोग भाग ले सकते हैं?
अविवाहित महिलाओं के गौरी पूजा में भाग लेने की भी परंपरा है। परिवार के उत्सव, भोजन, गीत और शुभकामनाओं में अन्य लोग भी जुड़ सकते हैं। सम्मान वैवाहिक स्थिति पर निर्भर नहीं होना चाहिए।
क्या बिना व्रत के त्योहार मना सकते हैं?
अपनों से मिलकर, कथाएं सुनकर, भोजन बांटकर और शुभकामनाएं देकर परिवार के उत्सव में भाग ले सकते हैं। कोई विशेष नोमु रखना चाहें तो अपने परिवार की विधि समझें।
कितने अट्लु चढ़ाने चाहिए?
संख्या परंपरा के अनुसार बदलती है। नोमु और वायनम के लिए अपने परिवार में अपनाई जाने वाली संख्या बड़ों से पूछें। इस पेज पर कोई एक संख्या सभी के लिए अनिवार्य नहीं है।
बच्चे क्या कर सकते हैं?
रंगोली, फूल सजाना, गीत, निगरानी में झूला और बड़ों से कहानी सुनना चुनें। उपवास या महंगी तैयारी का दबाव आवश्यक नहीं।
तेलुगु में शुभकामना कैसे दें?
“అట్లతద్ది శుభాకాంక్షలు” (Atla Taddi shubhakankshalu) कह सकते हैं। इसका अर्थ अट्ला तद्दी की शुभकामनाएं है। नीचे अलग रिश्तों के लिए संदेश चुन सकते हैं।
कार्ड बनाने के लिए पैसे या लॉगिन चाहिए?
नहीं। तैयार तस्वीरें सेव करना और अपने नाम, संदेश व फोटो से कार्ड बनाना मुफ्त है; लॉगिन आवश्यक नहीं। आपकी फोटो इसी डिवाइस पर रहती है।
WhatsApp में तस्वीर सीधे न जाए तो?
तस्वीर सेव करके WhatsApp चैट या स्टेटस में फोटो के रूप में जोड़ें। सीधे शेयर करने की सुविधा डिवाइस और ब्राउज़र पर निर्भर है।