BhaktiVed
ॐ

अभ्यास जाग्या पछी भमवुं नहीं

భజనరచన: ગંગાસતી (Gangasati)

अभ्यास जाग्या पछी भमवुं नहीं

अभ्यास जाग्या पछी बहु भमवुं नहीं

ने न रहेवुं भेदवादीनी साथ रे

कायम रहेवुं एकांतमां

ने माथे सदगुरुजीनो हाथ रे ... अभ्यास जाग्या पछी

तीरथ व्रत पछी करवा नहीं

ने न करवा सदगुरुना करम रे,

एवी रे खटपट छोडी देवी

ज्यारे जणाय मांह्यलानो मरम ... अभ्यास जाग्या पछी

हरिमय ज्यारे आ जगतने जाण्युं

त्यारे प्रपंचथी रहेवुं दुर रे,

मोह सघळो पछी छोडी देवो

ने हरिने भाळवा भरपूर रे ... अभ्यास जाग्या पछी

मंडप ने मेळा पछी करवा नहीं

ए छे अधूरियानां काम रे,

गंगा सती एम बोलिया पानबाई

भाळवा होय परिपूर्ण राम रे .... अभ्यास जाग्या पछी

ఈ పాఠానికి వీడియో లేదు.YouTubeలో వెతకండి

ఇవి కూడా చదవండి