BhaktiVed
Krishna

Jagyun Tyare Jhanjharno Jhamkar

BhajanAuthor: નરસિંહ મહેતા (Narsinh Mehta)

जाग्युं त्यारे झांझरनो झमकार

सखी तारां नेपुर रे, सुंदर वागतां रे, वाग्यां वाग्यां माझम रात;

नानुं सरखुं नगर रे, सूतेलुं जागियुं रे, जाग्युं त्यारे झांझरनो झमकार. सखी०

वाडीमां रे पाक्यो रे, सुंदर आंबलो रे, तेनी ते मीठी मीठी ऊतरे शाख,

कामिनी वेडावे रे, आरोगवा रे, मारा हरिने कहुं के चाख. सखी०

आंगणीये रोपावुं रे, सुंदर एलची रे, ठाम ठाम रोपावुं नागरवेल;

नरसैंयाना स्वामी रे, बाई मने त्यां मळ्यो रे, हरि मारो शोभे उरनी वेल. सखी०

No video for this text yet.Search on YouTube

Also read