BhaktiVed
ॐ

झेर तो पीधां छे जाणी जाणी

भजनरचना: મીરાંબાઈ (Meera Bai)

झेर तो पीधां छे जाणी जाणी

झेर तो पीधां छे जाणी जाणी

झेर तो पीधा छे जाणी जाणी, मेवाडना राणा;

झेर तो पीधा छे जाणी जाणी;

नथी रे पीधां अणजाणी रे, मेवाडना राणा.

झेर तो पीधा छे जाणी जाणी;

कोयल ने काग राणा, एक ज वरणां रे;

कडवी लागे छे कागवाणी रे, मेवाडना राणा;

झेर तो पीधां छे जाणी जाणी.

झेरना कटोरा ज्यारे राणाजी मोकले रे;

तेनां बनाव्यां दूध पाणी रे, मेवाडना राणा;

झेर तो पीधां छे जाणी जाणी.

संतो छे माता राणा, संतो छे पिता रे;

संतोनी संगे हुं लोभाणी रे, मेवाडना राणा;

झेर तो पीधां छे जाणी जाणी.

साधुडाना संग मीरां छोडी दो;

तमने बनावुं राजराणी रे, मेवाडना राणा;

झेर तो पीधां छे जाणी जाणी.

साधुडानो संग राणा नहि छूटे अमथी रे;

जनमोजनमनी बंधाणी रे, मेवाडना राणा;

झेर तो पीधां छे जाणी जाणी.

मीरां कहे प्रभु गिरधर नागर;

तमने भजीने हुं वेचाणी रे, मेवाडना राणा;

झेर तो पीधां छे जाणी जाणी.

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