BhaktiVed
Krishna

Kahun Milai Pita Mara

BhajanAuthor: મીરાંબાઈ (Meera Bai)

राग भीमपलासी - ताल तिताला

गोविंद, कबहुं मिलै पिया मेरा.

चरण-कवंल को हंस-हंस देखूं राखूं नैणां नेरा,

निरखणकूं मोहि चाव घणेरो कब देखुं मुख तेरा.

व्याकुल प्राण धरत नहीं धीरज, मिल तूं मीत सवेरा,

मीरां के प्रभु गिरिधर नागर, ताप तपन बहु तेरा.

No video for this text yet.Search on YouTube

Also read