कृष्ण
कृष्ण के स्तोत्र, आरती और भजन एक ही जगह: नाम पर टैप कर पूरा पाठ पढ़ें।
घेलां अमे भले थयां रेभजनपढ़ें
गिरी तळेटी ने कुंड दामोदरgarbaपढ़ें
गोरी तारां नेपुरभजनपढ़ें
गोवाळमां गमतो गोविंदभजनपढ़ें
गोविंद खेले होळीभजनपढ़ें
गोविंदना गुण गाशुंभजनपढ़ें
गोविंदो प्राण अमारोभजनपढ़ें
हळवे हळवे हळवेgarbaपढ़ें
हां रे चालो डाकोरभजनपढ़ें
हां रे दाण मागे कानुडोभजनपढ़ें
हां रे कोई माधव ल्योभजनपढ़ें
हारने काजे नव मारीएभजनपढ़ें
हरि आव्या छे नारीना वेशे रेभजनपढ़ें
हरि मने पार उतारभजनपढ़ें
हरि मारे ह्रदये रहेजोभजनपढ़ें
हरि तणुं हेतgarbaपढ़ें
हरि ! तुम हरो जनकी भीरभजनपढ़ें
हरि वसे छे हरिना जनमांभजनपढ़ें
हरिचरण चित्त दीजोजीभजनपढ़ें
हरिनाम बिना नर ऐसा हयभजनपढ़ें
हरिरस गावा ने जे मळे खावाभजनपढ़ें
हरिवर मूक्यो केम जाय?भजनपढ़ें
हे कानुडा तोरी गोवालणभजनपढ़ें
हिंडोळे हिंचे मारो वहालोgarbaपढ़ें
हीरा माणेकने मारे शुं करवुं?भजनपढ़ें
हुं रंगराती ने छुं मदमातीgarbaपढ़ें
हुं रोई रोई अखियां राती करुंभजनपढ़ें
हुं तो गिरिधरने मन भावीभजनपढ़ें
हुं तो परणी प्रीतमनी संगाथभजनपढ़ें
जाग कमळापतिभजनपढ़ें
जागने जादवाgarbaपढ़ें
जागने जादवा! रात थोडी रहीभजनपढ़ें
जागो बंसीवालेभजनपढ़ें
जागो रे अलबेला का’नाभजनपढ़ें
जागो रे जशोदाना जायाgarbaपढ़ें
जाग्युं त्यारे झांझरनो झमकारभजनपढ़ें