BhaktiVed
ॐ

मन मरियुं तेने त्यागी कहीए रे

भजनरचना: ગંગાસતી (Gangasati)
लिपि
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स्रोत
Gujarati Wikisource, https://gu.wikisource.org/wiki/મન_મરિયું_તેને_ત્યાગી_કહીએ_રે (revision 199958)
स्रोत का विवरण
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मन मरियुं तेने त्यागी कहीए रे

मन मरियुं तेने त्यागी कहीए रे, मरने वरते वहेवार मांय रे;

भीतर जाग्या तेने भ्रांति भांगी ने, तेने नहि नडे मायानी छांय रे.

मन मरियुं तेने त्यागी कहीए रे...

आदर्यो अभ्यास ने मटी गई कल्पना, आनंद ऊपज्यो अपार रे;

व्रतमान बदले पानबाई ! तेनुं रे, जेने लाग्यो वचनुंमां तार रे.

मन मरियुं तेने त्यागी कहीए रे...

आसन त्राटक खटमास सिद्ध कर्युं ने, वरती थई गई समान रे;

गुरुने शिष्यनी थई गई एकता ने, मटी गयुं जातिनुंमान रे.

मन मरियुं तेने त्यागी कहीए रे...

पदार्थनी अभावना थई गई तेहने रे, वासनानी मटी गई ताणावाण रे;

गंगासती एम बोलियां रे, जेने थई गई सद्दगुरुनी ओळखाण रे.

मन मरियुं तेने त्यागी कहीए रे...

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