BhaktiVed
राम

मनडुं विंधाणुं राणा

भजनरचना: મીરાંબાઈ (Meera Bai)
लिपि
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स्रोत
Gujarati Wikisource, https://gu.wikisource.org/wiki/મનડું_વિંધાણું_રાણા (revision 204875)
स्रोत का विवरण
Text taken from the Wikisource transcription; script-converted to Devanagari

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मनडुं विंधाणुं राणा

मारुं मनडुं वींधाणुं राणा, चितडुं चोराणुं, राणा शुं रे करुं ?

शुं रे करुं ? विष पीधे ना मरुं, हो राणा शुं रे करुं ? मारुं०

निंदा करे छे मारी, नगरीना लोक राणा;

तारी शिखामण हवे, मारे मन फोक. राणा शुं रे करुं ?

भरी बजारमांथी हाथी हाल्यो जाय राणा;

श्वान भसे छे तेमां हाथी शुं थाये ? राणा, शुं रे करुं ?

भूली रे भूली हुं तो, घरना रे काम राणा;

भोजन ना भावे, नयणे निंद छे हराम राणा, शुं रे करुं ?

बाइ मीरां कहे प्रभु गिरिधर नागर वा'ला;

प्रभुने भजीने हुं तो थइ गइ न्याल राणा, शुं रे करुं ?

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