BhaktiVed
कृष्ण

नहिं ऐसो जनम बारम्बार

भजनरचना: मीराबाई (Meera Bai)

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नहिं ऐसो जनम बारम्बार।

क्या जानूँ कछु पुण्य प्रगटे, मानुषा अवतार।

नहिं ऐसो जनम बारम्बार।

बढ़त छिन छिन घटत पल पल, जात न लागै बार।

नहिं ऐसो जनम बारम्बार।

बिरछ के ज्यूँ पात टूटे, लगे नहिं फिर डार।

नहिं ऐसो जनम बारम्बार।

भवसागर अति अगम कहिये, तामैं पड़ी मझधार।

नहिं ऐसो जनम बारम्बार।

मीरा के प्रभु गिरिधर नागर, आवागमन निवार।

नहिं ऐसो जनम बारम्बार।

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स्रोत: Meera Bai pad; standard Meera Padavali text as commonly sung

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