BhaktiVed
कृष्ण

साँवरिया म्हारी प्रीत निभाज्यो जी

भजनरचना: मीराबाई (Meera Bai)

इस पाठ की जाँच अभी बाकी है।

साँवरिया म्हारी प्रीत निभाज्यो जी।

थे छो म्हारा गुण रा सागर, औगुण म्हारा मत जाज्यो जी।

साँवरिया म्हारी प्रीत निभाज्यो जी।

लोकलाज कुल की मरजादा, सबरी तजी तुम्हें ध्याज्यो जी।

साँवरिया म्हारी प्रीत निभाज्यो जी।

जनम जनम की दासी थारी, चरण कँवल सूँ लगाज्यो जी।

साँवरिया म्हारी प्रीत निभाज्यो जी।

मीरा रा प्रभु गिरिधर नागर, भव पार उतराज्यो जी।

साँवरिया म्हारी प्रीत निभाज्यो जी।

इस पाठ का वीडियो नहीं है।YouTube पर खोजें
स्रोत: Meera Bai pad; standard Meera Padavali text as commonly sung

ये भी पढ़ें