BhaktiVed
अपने नाम से दिवाली Wishes · WhatsApp Status
विट्ठल

येई ओ विठ्ठले (विठोबाची आरती)

आरतीरचना: संत एकनाथ (attributed)Vitthal aarti; Ashadhi Ekadashi
लिपि
Text size

इस पाठ की संपादकीय समीक्षा आवश्यक है।

संपादकीय समीक्षा · समीक्षा आवश्यक

समीक्षा दर्ज होने पर उसकी तारीख दिखाई जाती है। लिपि बदलना अनुवाद नहीं है। परंपराओं में पाठांतर हो सकते हैं।

येई ओ विठ्ठले माझे माउली ये।

निढळावरी कर ठेवुनि वाट मी पाहे॥

आलिया गेलिया हाती धाडी निरोप।

पंढरपुरी आहे माझा मायबाप॥

येई ओ विठ्ठले माझे माउली ये।

पिवळा पितांबर कैसा गगनी झळकला।

गरुडावरी बैसोनि माझा कैवारी आला॥

येई ओ विठ्ठले माझे माउली ये।

विठोबाचे राज्य आम्हा नित्य दिपवाळी।

विष्णुदास नामा जीवे भावे ओवाळी॥

येई ओ विठ्ठले माझे माउली ये।

इस पाठ का वीडियो नहीं है।YouTube पर खोजें

ये भी पढ़ें