BhaktiVed
ॐ

ब्रह्ममां भळवुं होय तो

भजनरचना: લોયણ (Loyan)
लिपि
अक्षर आकार

स्रोत और संपादकीय समीक्षा · समीक्षा दर्ज नहीं है
स्रोत
Gujarati Wikisource, https://gu.wikisource.org/wiki/બ્રહ્મમાં_ભળવું_હોય_તો (revision 199424)
स्रोत का विवरण
Text taken from the Wikisource transcription; script-converted to Devanagari

उपलब्ध स्रोत और समीक्षा का विवरण यहाँ दिया जाता है। लिपि बदलना अनुवाद नहीं है। परंपराओं में पाठांतर हो सकते हैं।

जी रे लाखा ! ब्रह्ममां भळवुं होय तो हेत वधारो जी हो जी;

अने मनना प्रपंचने मेलो रे हां !

जी रे लाखा ! नूरत-सूरतथी फरी ल्यो ने मेळा जी हो जी;

अने फळनी इच्छाने त्यागो रे हां !

जी रे लाखा ! तरणा बरोबर आ जगतनी माया छे हो जी;

एने जाणजो मनथी जूठी रे हां !

जी रे लाखा ! काळने झपाटे ए तो झडपाई जाशे जी हो जी;

त्यारे जीवडो तो जाशे ऊडी रे हां !

जी रे लाखा ! जागीने जोशो तो तमने ईश्वर मळशे जी हो जी;

त्यारे मन पाछु पडशे हां,

जीरेलाखा संकल्प विलकनी गांठुं बधाणीजी,

ए ते गुरू वचनथी गळसे हां.-३

जीरेलाखा हार न पामे तमे हीमत राखे,

एवा गुरू वचन रस चाखे! हां.

जीरेलाखा शैलीनी चली सति लाय” एल्याजी,

तमे सुखथी असत्य नव भाषा.४.

इस पाठ का वीडियो नहीं है।YouTube पर खोजें

ये भी पढ़ें