BhaktiVed
राम

चित्तडां चोराणां तेने शुं रे करुं?

भजनरचना: મીરાંબાઈ (Meera Bai)
लिपि
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स्रोत
Gujarati Wikisource, https://gu.wikisource.org/wiki/ચિત્તડાં_ચોરાણાં_તેને_શું_રે_કરું? (revision 204827)
स्रोत का विवरण
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चित्तडां चोराणां तेने शुं रे करुं?

शुं करुं राज तारां ? शुं करुं पाट तारां ?

चित्तडां चोराणां तेने शुं रे करुं? राणा शुं रे करुं ?

भूली भूली हुं तो घर केरां काम ... राणा, चितडां चोराणां

अन्नडां न भावे, नेणे निद्रा न आवे,

गिरिधरलाल विना घडी न आराम ... राणा, चितडां चोराणां

चित्तोडगढमां राणी, चोरेचौटे वातो थाय,

मानो मीरां, आ तो जीव्युं न जाय ... राणा, चितडां चोराणां

ऊभी बजारे राणा, गज चाल्यो जाय छे,

श्वान भसे तेने लज्जा नव थाय ... राणा, चितडां चोराणां

निंदा करे राणा, तारा नगरना लोक ए,

भजन भूलुं तो मारो फेरो थाय फोक ... राणा, चितडां चोराणां

मनमां भजो मीरां, नारायण नामने,

प्रगट भजो तो मारां छोडी जजो गाम ... राणा, चितडां चोराणां

नगरीना लोको राणा, मीरांने मनावे सौ,

मानो मानो, ने कंई छोडो, एवी चाल ... राणा, चितडां चोराणां

बाई मीरां कहे प्रभु गिरिधरना गुण वा’ला,

हरिने भजीने हुं तो थई हवे न्याल ... राणा, चितडां चोराणां

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