BhaktiVed
ॐ

दळी दळीने ढांकणीमां उघराववुं

भजनरचना: ગંગાસતી (Gangasati)
लिपि
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स्रोत
Gujarati Wikisource, https://gu.wikisource.org/wiki/દળી_દળીને_ઢાંકણીમાં_ઉઘરાવવું (revision 199946)
स्रोत का विवरण
Text taken from the Wikisource transcription; script-converted to Devanagari

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दळी दळीने ढांकणीमां उघराववुं

दळी दळीने ढांकणीमां उघराववुं

ने एवुं करवुं नहि काम रे,

आपणी वस्तु न जाय अवस्था

ने ए जवानुं लेवुं नहि नाम रे ... दळी दळीने.

सेवा करवी छेल्ला जनमवाळानी

ने भजनमां जोवा संस्कार रे,

जोवा पूरवनुं पुरूषारथ होय एहनुं

ने तो मेळववो वातनो एकतार रे .... दळी दळीने.

विषयवाळाने आ वात न कहेवी,

ने एथी राखवुं अलोप रे,

देखादेखी ए मरने कंठी बंधावे,

ने शुद्ध रंगनो चडे ना ओप रे ... दळी दळीने.

उत्तम जो कर्म करे फळनी आशाए

ने एवाने न लागे हरिनो लेश रे,

गंगा रे सती एम बोलियां रे

एओ क्यांथी भाळे अखंड देश रे ... दळी दळीने.

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