BhaktiVed
ॐ

Nahi Aiso Janam Barmbar

BhajanAuthor: મીરાંબાઈ (Meera Bai)

राग देस या पूर्वी - तीन ताल

नहि ऐसो जनम बारंबार, ध्रुव०

क्या जानुं कछु पुन्य प्रकटे मानुसा अवतार.

बढत पल पल, घटत छिन छिन, जात न लागे बार;

बिरछके ज्यों पात टूटे, लागी नहि पुनि डार.

भवसागर अति जोर कहिये, विषम ओखी धार;

सुरतका नर बांधे बेडा, बेगि ऊतरे पार.

साधु संत महंत ग्यानी, चलत करत पुकार,

दासी मीरां लाल गिरिधर, जीवना दिन चार.

No video for this text yet.Search on YouTube

Also read