BhaktiVed
कृष्ण

हा हा रे घडुलीयो

garba
लिपि
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स्रोत
Gujarati Wikisource, https://gu.wikisource.org/wiki/હા_હા_રે_ઘડુલીયો (revision 203659)
स्रोत का विवरण
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हा हा रे घडुलीयो

गोपीओ नदी किनारे जळ भरवा माटे जाय छे. जळ भरीने वारा फरथी एक बीजाना माथा पर बेडलुं चढावे छे पण छेल्ले एक गोपी रही जाय छे. कोण तेना माथा पर पाणी भरेलुं बेडलुं चढावे? आ समये त्यांथी बाळ गोविंद नटखट श्री कृष्ण पसार थाय छे त्यारे गोपी तेमने बेडलुं माथे चढाववा माटे विनंती करे छे. आ विनंती माटे गोपी श्री कृष्णना जे वखाण करे छे ते नीचे प्रस्तुत गरबामां वर्णवेल छे.

हा हा रे घडुलीयो चढाव रे गिरधारी...

घरे वाट्युं जुए छे मां मोरी रे, बेडलुं चढाव रे गिरधारी...

तारा माथानो अंबोडो रे गिरधारी...

जाणे छूट्यो तेजीनो घोडो रे, बेडलुं चढाव रे गिरधारी...

तारी आंखोनो उलाळो रे गिरधारी...

जाणे दरियानो हिलोळो रे, बेडलुं चढाव रे गिरधारी...

तारी नाकडियानी दांडी रे गिरधारी...

जाणे दीवडीए शग मांडी रे, बेडलुं चढाव रे गिरधारी...

तारा हाथनी कलायुं रे गिरधारी...

जाणे सोनानी शरणायुं रे, बेडलुं चढाव रे गिरधारी...

तारा हाथनी हथेळी रे गिरधारी...

जाणे बावळ परनी थाळी रे, बेडलुं चढाव रे गिरधारी...

तारा हाथ नी आंगळीयुं रे गिरधारी...

जाणे चोळा-मगनी फाळियुं रे, बेडलुं चढाव रे गिरधारी...

तारा पेटडीयानो फंदो रे गिरधारी...

जाणे पूनम केरो चांदो रे, बेडलुं चढाव रे गिरधारी...

तारा वांसानो वळांको रे गिरधारी...

जाणे सरपनो सबाको रे, बेडलुं चढाव रे गिरधारी...

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