BhaktiVed
अपने नाम से दिवाली Wishes · WhatsApp Status
विट्ठल

धरिला पंढरीचा चोर

abhangरचना: संत जनाबाई (Sant Janabai)
लिपि
Text size

इस पाठ की संपादकीय समीक्षा आवश्यक है।

संपादकीय समीक्षा · समीक्षा आवश्यक

समीक्षा दर्ज होने पर उसकी तारीख दिखाई जाती है। लिपि बदलना अनुवाद नहीं है। परंपराओं में पाठांतर हो सकते हैं।

धरिला पंढरीचा चोर।

गळा बांधोनिया दोर॥

हृदय बंदिखाना केला।

आत विठ्ठल कोंडिला॥

शब्दे केली जडाजुडी।

विठ्ठल पायी घातली बेडी॥

सोहं शब्दाचा मारा केला।

विठ्ठल काकुळती आला॥

जनी म्हणे बा विठ्ठला।

जीवे न सोडी मी तुला॥

इस पाठ का वीडियो नहीं है।YouTube पर खोजें

ये भी पढ़ें