BhaktiVed
ॐ

कुपात्रनी पासे वस्तु ना वावीए

भजनरचना: ગંગાસતી (Gangasati)
लिपि
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स्रोत
Gujarati Wikisource, https://gu.wikisource.org/wiki/કુપાત્રની_પાસે_વસ્તુ_ના_વાવીએ (revision 199933)
स्रोत का विवरण
Text taken from the Wikisource transcription; script-converted to Devanagari

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कुपात्रनी पासे वस्तु ना वावीए

कुपात्रनी पासे वस्तु ना वावीए रे,

ने समजीने रहीए चुप रे,

लालच आपे ने द्रव्य करे ढगला रे,

भले होय श्रीमंत के भूप रे …. कुपात्रनी पासे

भजनी जनोए भक्तिमां रे’वुं ने,

करवो स्मरण निरधार रे….

अज्ञानी आगळ नव उच्चरवुं ने,

बांधवा सूरता केरा तार रे … कुपात्रनी पासे

उपदेश देवा तो प्रथम भक्ति देखाडवी

ने गाळी देवो तेनो मोह रे,

दया करीने तेने पात्र बनावो त्यारे,

राखवो रे एमां घणो स्नेह रे … कुपात्रनी पासे

संशय टळे ने मनडुं गळे ने

राखे नहीं कोईना पर द्वेष रे,

गंगा रे सती एम बोलियां

एवाने देखाडवो हरिनो देश रे … कुपात्रनी पासे

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