BhaktiVed
कृष्ण

लावो लावो कागळियो ने दोत (१)

भजनरचना: મીરાંબાઈ (Meera Bai)
लिपि
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स्रोत
Gujarati Wikisource, https://gu.wikisource.org/wiki/લાવો_લાવો_કાગળિયો_ને_દોત_(૧) (revision 196490)
स्रोत का विवरण
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पद ११ राग परज,

लावो लावो कागळियो दोत, के लखिये हरिनेरे,

एवो शियो छे अमारो वांक, के नाव्या फरीनेरे. १.

वाले दूध साकर घोळी पाइ, उछेर्यां अमनेरे;

हवे विखडां घोळीने शुं पाओ, घटे नहीं तमनेरे. २.

व्हाले आछी पछेडी ओढाडी, रमाड्यां अमनेरे;

हवे ताणी तुंणी शुं ल्यो छो, घटे नहीं तमनेरे. ३.

व्हाला अघोर वनमां आज, मेली चाल्या अमनेरे;

एवो कुवामां छेतरी वाढ्यो वरत, घटे नही तमनेरे. ४.

मळ्या खीम रविने भाण के, त्रिकम तार्यांरे;

मुरारनी पकडी बांह्य, भवसागर उतार्यांरे. ५.

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