BhaktiVed
कृष्ण

मुखडानी माया लागी रे

भजनरचना: મીરાંબાઈ (Meera Bai)
लिपि
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स्रोत
Gujarati Wikisource, https://gu.wikisource.org/wiki/મુખડાની_માયા_લાગી_રે (revision 195544)
स्रोत का विवरण
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मुखडानी माया लागी रे, मोहन प्यारा;

मुखडुं में जोयुं तारुं, सर्व जग थयुं खारुं;

मन मारुं रह्युं न्यारुं रे; मोहन प्यारा0 १

संसारीनुं सुख एवुं, झांझवानां नीर जेवुं;

तेने तुच्छ करी फरीए रे; मोहन प्यारा० २

संसारीनुं सुख काचुं, परणी रंडावुं पाछुं;

तेवा घेर शीद जईए रे; मोहन प्यारा० ३

परणुं तो प्रीतम प्यारो, अखंड सौभाग्य मारो;

रांडवानो भय टळ्यो रे; मोहन प्यारा० ४

मीरांबाई बलिहारि, आशा मने एक तारी;

हवे हुं तो बडभागी रे; मोहन प्यारा० ५

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