BhaktiVed
माता

मूळ वचन

भजनरचना: લોયણ (Loyan)
लिपि
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स्रोत
Gujarati Wikisource, https://gu.wikisource.org/wiki/મૂળ_વચન (revision 199421)
स्रोत का विवरण
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जी रे लाखा! मूळ रे वचब्ननो महिमा बहु मोटो जी

एने संत विरला जाणे हां!

जी रे लाखा ! वचन थकी जे कोई अधूरा जी

ते तो प्रेमरसने शुं माणे हां! टेक:

जी रे लाखा ! वचन थकी ब्रह्माए सृष्टि चलावी जी

वचने पृथवी ठेराणी हां

जी रे लाखा ! चौदलोकमां वचन रमे छे जी

तेने जाणे पुरुष पुराणी हां. २

जी रे लाखा ! एवा रे वचननी जेने परतीत आवे जी

ए तो कदी चोराशी न जावे हां

जी रे लाखा ! वचनना कबजामां जे कोई वसे जी

एनी सुरता शूनमां समावे हां. ३

जी रे लाखा !ए के वचन शिरने साटे जी

ए ओछा माणसने न कहेवुं हां

जी रे लाखा ! सद् गुरु आगळ शीष नमावी जी

एना हुकममां हम्मेशा रहेवुं हां. ४

जी रे लाखा ! आद ने अनादमां वचन छे मोटुं जी

एने जाणे विवेकी पोरा हा.

जी रे लाखा ! शेलणशीनी चेली लोयण बोलियां जी

एने नेणे वरसे नूरा हां. ५.

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