BhaktiVed
ॐ

पाको प्रेम ज्यारे अंगमां आवे

भजनरचना: ગંગાસતી (Gangasati)
लिपि
अक्षर आकार

स्रोत और संपादकीय समीक्षा · समीक्षा दर्ज नहीं है
स्रोत
Gujarati Wikisource, https://gu.wikisource.org/wiki/પાકો_પ્રેમ_જ્યારે_અંગમાં_આવે (revision 199951)
स्रोत का विवरण
Text taken from the Wikisource transcription; script-converted to Devanagari

उपलब्ध स्रोत और समीक्षा का विवरण यहाँ दिया जाता है। लिपि बदलना अनुवाद नहीं है। परंपराओं में पाठांतर हो सकते हैं।

पाको प्रेम ज्यारे अंगमां आवे

पाको प्रेम ज्यारे अंगमां आवे,

त्यारे साधना सर्व शमी जाय रे,

करवुं एने कांई नव पडे ने

सहज समाधि एने थाय रे ... पाको प्रेम

कर्तापणुं सर्वे मटी जाय त्यारे,

जगत जूठुं जाण्युं गणाय रे,

अंतःकरणमां भक्ति आवे निर्मळ

त्यारे खरी दृढता बंधाय रे ... पाको प्रेम

कोई प्रपंच एने नडे नहीं,

जेना मटी गया पूर्ण विकार रे,

अंतरमांथी जेणे मर्यादा त्यागी,

अटके नहीं जगत व्यवहार रे ... पाको प्रेम

शुद्ध वचनमां सुरता बंधाणी ने

मटी गया वादविवाद रे,

गंगासती एम बोलियां पानबाई,

एने आवे सुख स्वाद रे ... पाको प्रेम

इस पाठ का वीडियो नहीं है।YouTube पर खोजें

ये भी पढ़ें