BhaktiVed
माता

परभाते मही मथवा

भजनरचना: નરસિંહ મહેતા (Narsinh Mehta)
लिपि
अक्षर आकार

स्रोत और संपादकीय समीक्षा · समीक्षा दर्ज नहीं है
स्रोत
Gujarati Wikisource, https://gu.wikisource.org/wiki/પરભાતે_મહી_મથવા (revision 207548)
स्रोत का विवरण
Text taken from the Wikisource transcription; script-converted to Devanagari

उपलब्ध स्रोत और समीक्षा का विवरण यहाँ दिया जाता है। लिपि बदलना अनुवाद नहीं है। परंपराओं में पाठांतर हो सकते हैं।

परभाते मही मथवा

परभाते मही मथवा ऊठ्यां जशोदाराणी,

विसामो देवाने ऊठ्यां सारंगपाणि.

माता रे जशोदा तारां महीडां वलोवुं,

बीशो ना माताजी हुं गोळी नहीं फोडुं;

ध्रूज्यो मेरुने एने ध्रासको रे लाग्यो,

रवैयो करशे तो तो निश्चे हुं भांग्यो.

वासुकि भणे ‘मारी शी पेर थाशे ?’

नेतरुं करशे तो तो जीवडो रे जाशे.

महादेव वदे, मारी शी वले थाशे ?

हवेनुं आ हळाहळ केम रे पीवाशे.

ब्रह्मा इंद्रादिक लाग्यां रे पाय,

नेतरुं मूको तमे गोकुळराय;

जशोदाजी कहे हुं तो नवनिध पामी,

भक्तवत्सल मळ्यो नरसिंहनो स्वामी.

इस पाठ का वीडियो नहीं है।YouTube पर खोजें

ये भी पढ़ें