BhaktiVed
कृष्ण

फागुन के दिन चार

भजनरचना: મીરાંબાઈ (Meera Bai)
लिपि
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स्रोत
Gujarati Wikisource, https://gu.wikisource.org/wiki/ફાગુન_કે_દિન_ચાર (revision 204866)
स्रोत का विवरण
Text taken from the Wikisource transcription; script-converted to Devanagari

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फागुन के दिन चार

फागुन के दिन चार होली खेल मना रे

बिन करताल पखावज बाजै

अनहदकी झनकार रे

बिन सुर राग छतीसूं गावै

रोम रोम रणकार रे ... फागुन के दिन

शील संतोष की केसर घोली

प्रेम प्रीत पिचकार रे,

उडत गुलाल लाल भयो अंबर,

बरसत रंग अपार रे ... फागुन के दिन

घटके सब पट खोल दिये हैं

लोकलाज सब डार रे,

मीरां के प्रभु गिरधर नागर

चरणकमल बलिहार रे ... फागुन के दिन

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