BhaktiVed
कृष्ण

श्याम रंग समीपे न जावुं

भजनरचना: દયારામ (Dayaram)
लिपि
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स्रोत
Gujarati Wikisource, https://gu.wikisource.org/wiki/શ્યામ_રંગ_સમીપે_ન_જાવું (revision 195398)
स्रोत का विवरण
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गरबी 3 जी थी

श्याम रंग समीपे न जावुं, मारे आजथकी श्यामरंग. —टेक.

जेमां काळास ते सहु एक सरखुं, सरवमां कपट हशे आह्‌वुं ? मारे.

कस्तुरीनी बिंदी तो करुं नहीं, काजळ न आंखमां अंजावुं. मारे.

कोकीलानो शब्द सुणुं नहीं, कागवाणी शकुनमां न लावुं. मारे.

नीलांबर काळी कंचुकी न पहेरुं, जमनानां नीरमां न न्हावुं. मारे.

मरकत मणी ने मेघ दृष्टे न जोवां, जांबु वंत्याक न खावुं. मारे.

दयाना प्रीतम साथे मुखे नीम लीधो, मन कहे पलक ना निभावुं. मारे.

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