BhaktiVed
कृष्ण

वैकुंठ ढूंकडुं रे

भजनरचना: નરસિંહ મહેતા (Narsinh Mehta)
लिपि
अक्षर आकार

स्रोत और संपादकीय समीक्षा · समीक्षा दर्ज नहीं है
स्रोत
Gujarati Wikisource, https://gu.wikisource.org/wiki/વૈકુંઠ_ઢૂંકડું_રે (revision 207559)
स्रोत का विवरण
Text taken from the Wikisource transcription; script-converted to Devanagari

उपलब्ध स्रोत और समीक्षा का विवरण यहाँ दिया जाता है। लिपि बदलना अनुवाद नहीं है। परंपराओं में पाठांतर हो सकते हैं।

वैकुंठ ढूंकडुं रे

वैकुंठ ढूंकडुं रे मारा हरिजन हृदे हजूर. टेक

दुरिजनियाने दूर दीसे छे, प्रेमीजनने उर. वैकुंठ०

काम, क्रोध, मद, लोभ, निवारी, काढे पापनुं मूळ,

पुण्यपंथे पग धरे, दूर करी माया ममता शूळ. वैकुंठ०

रटे जिह्‌वाए नाम रामनुं, भूख्याने दे अन्न,

परनारी माता पेखे, पथ्थर लेखे परधन. वैकुंठ

पीडे नहि कदी पर आत्माने, मारे निजनुं मन,

भणे नरसैंयो प्रिय करी माने हरि एवा हरिजन. वैकुंठ०

इस पाठ का वीडियो नहीं है।YouTube पर खोजें

ये भी पढ़ें