BhaktiVed
ॐ

योगी थवुं होय तो संकल्पने त्यागो

भजनरचना: ગંગાસતી (Gangasati)
लिपि
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स्रोत
Gujarati Wikisource, https://gu.wikisource.org/wiki/યોગી_થવું_હોય_તો_સંકલ્પને_ત્યાગો (revision 199965)
स्रोत का विवरण
Text taken from the Wikisource transcription; script-converted to Devanagari

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योगी थवुं होय तो संकल्पने त्यागो

योगी थवुं होय तो संकल्पने त्यागो,

ने आदरो तमे अभ्यास रे,

हरि भाळवा होय तो हिंमत राखो,

जेनो परिपूर्ण सर्वमां वास रे ... योगी.

रजोगुणी तमोगुणी आहार न करवो,

ने स्वप्ने न करवी आश रे,

सत्वगुणी आहार कायम करवो जेथी,

थाय बेउ गुणनो नाश रे ... योगी.

सत्वगुणमां भेद छे मोटो,

एक शुद्ध, बीजो मलिन के'वाय रे,

मलिन गुणोनो त्याग करवो

जेथी परिपूर्ण योगी थवाय रे ... योगी.

विदेहदशा तेहनी प्रगटे,

जे त्रणे गुणथी थयो पार रे;

गंगासती एम ज बोलियां रे,

जेनो लाग्यो तूरियामां तार रे ... योगी.

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