BhaktiVed
कृष्ण

आजनी घडी रळियामणी

भजनरचना: નરસિંહ મહેતા (Narsinh Mehta)
लिपि
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स्रोत
Gujarati Wikisource, https://gu.wikisource.org/wiki/આજની_ઘડી_રળિયામણી (revision 196216)
स्रोत का विवरण
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पद ३४ राग एज.

जीरे आजनी घडी रे रळियामणी,

मारो वा’लो आव्यानी वधामणी रे…..टेक.

जीरे तरिया तोरण ते बंधावियां रे,

मारा वालाजीने मोतीडे वधाविया रे— जीरे आजनी. १.

जीरे कम्कु एसरनी गार करावी मेंरे;

झीणी कस्तुरीनी चोकडी ओअडावियेरे— जीरे आजनी. २.

जी रे लीला, पीळा ते वांस वढावियारे,

मारा वालाजीनो मंडप रचाविये रे— जीरे आजनी. ३.

जी रे पूर्यो पूर्यो सुहागण साथियोरे;

वालो आवे मलपतो हाथियो रे— जीरे आजनी. ४.

जी रे गंगा-जमुनाना नीर मंगावियेरे,

मारा वालाजीनां चरण पखाळिये रे— जीरे आजनी. ५.

जी रे सोनां रूपांनी थाळी मंगावियेरे;

मांहे चमकतो दीवडो मेलाविये रे— जीरे आजनी. ६.

जी रे तन, मन, धन, ओवारियेरे;

मारा वालाजीनी आरती उतारीये रे— जीरे आजनी. ७.

जी रे रस वध्यो छे अति मीठडोरे,

मे’ता नरसैंयानो स्वामी दीठडो रे— जीरे आजनी. ८.

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