BhaktiVed
कृष्ण

आवो तो आनंद थाय

भजनरचना: રામો બાવો (Ramo Bavo)
लिपि
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स्रोत
Gujarati Wikisource, https://gu.wikisource.org/wiki/આવો_તો_આનંદ_થાય (revision 206671)
स्रोत का विवरण
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आवो तो आनंद थाय

कळियुग व्याप्यो

थोडे थोडे खाय रे;

भवसागरमां बेडी बूडतां

बावे पकडेल बांय रे. - आवो तो०

सामसामां निशान घुरे धणी !

घारे पडघाये जाग रे,

खडग खांडुं हाथ लीधुं

भाग्यो काळींगो जाय रे. - आवो तो०

वेलनाथ तमारा हाथमां

बाजीगरना खेल रे;

वेला चरणे बोल्या रामैयो

फेर मनख्यो लाव्य रे. - आवो तो०

आवो तो आनंद थाय

नावो तो पत जाय रे;

गरवा वाळा नाथ वेला !

आरे अवसर आवजो !

अनहद वाजां वागियां स्वामी !

जोउं तमारी वाट रे;

हुं सुवागण सुंदरी

मारे तमारो विश्वास रे. - आवो तो०

कायामां काळींगो व्याप्यो

थोडे थोडे खाय रे;

भवसागरमां बेडी बूडतां

बावे पकडेल बांय रे. - आवो तो०

सामसामां निशान घुरे धणी !

घारे पडघाये जाग रे,

खडग खांडुं हाथ लीधुं

भाग्यो काळींगो जाय रे. - आवो तो०

वेलनाथ तमारा हाथमां

बाजीगरना खेल रे;

वेला चरणे बोल्या रामैयो

फेर मनख्यो लाव्य रे. - आवो तो०

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