BhaktiVed
ॐ

भक्ति रे करवी एणे रांक थईने रहेवुं

भजनरचना: ગંગાસતી (Gangasati)
लिपि
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स्रोत
Gujarati Wikisource, https://gu.wikisource.org/wiki/ભક્તિ_રે_કરવી_એણે_રાંક_થઈને_રહેવું (revision 211624)
स्रोत का विवरण
Text taken from the Wikisource transcription; script-converted to Devanagari

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भक्ति रे करवी एणे रांक थईने रहेवुं

भक्ति रे करवी एणे रांक थईने रहेवुं पानबाई

मेलवुं अंतरनुं अभिमान रे,

सतगुरु चरणमां शीश नमावीने

कर जोडी लागवुं पाय रे .... भक्ति रे करवी एणे

जातिपणुं छोडीने अजाति थावुं ने

काढवो वर्ण विकार रे,

जाति ने भ्रांति नहीं हरि केरा देशमां

एवी रीते रहेवुं निर्मान रे ... भक्ति रे करवी एणे

पारका अवगुण कोईना जुए नहीं,

एने कहीए हरि केरा दास रे,

आशा ने तृष्णा नहीं एकेय जेना उरमां रे

एनो दृढ रे करवो विश्वास रे ... भक्ति रे करवी एणे

भक्ति करो तो एवी रीते करजो पानबाई

राखजो वचनमां विश्वास रे,

गंगा सती एम बोलिया रे पानबाई

हरिजन हरि केरा दास रे .... भक्ति रे करवी एणे

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