BhaktiVed
ॐ

चाल रमीए सहि

भजनरचना: નરસિંહ મહેતા (Narsinh Mehta)
लिपि
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स्रोत
Gujarati Wikisource, https://gu.wikisource.org/wiki/ચાલ_રમીએ_સહિ (revision 195437)
स्रोत का विवरण
Text taken from the Wikisource transcription; script-converted to Devanagari

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५द ३४ मुं.

चाल चाल सैयर सहि ! महेल मथवुं मही,

वसंत आव्यो वनवेल फूली;

महोरिया अंब कदम, कोकील लवे वसंत,

कुसुम कुसुम रह्यो भमर छली. चाल

सार ने हार आभूषण, गजगामिनी, कहवारनी कहुं छुं, चाल ऊठी;

रसीक मुख चुमीए, वळगीए, झुंबीए, आज तो लाजनी दोवाई छूटी. चाल.

चूवा चंदन चर्चां, वळी अरगजा, केसर गागर लोने भरी;

कोण पुण्ये करी, पामी सुंदर वर, आ अवसर नहि आवे फरी. चाल.

हेते हरी वश करी, नावलो उर धरी, करग्रही कृष्णजी पाछा केम फरशे;

नरसैंयाचा स्वामी रंगमां, अंगे उदमस्त हवो, कोइ पण दिवसने खंग वळशे. चाल.

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