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ఖాటు శ్యామ్

శ్రీ శ్యామ చాలీసా

చాలీసాEkadashi; Phalgun mela
లిపి
ఫాంట్ సైజు

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दोहा

श्री गुरु चरणन ध्यान धर, सुमिर सच्चिदानन्द।

श्याम चालीसा भजत हूँ, रच चौपाई छन्द॥

चौपाई

श्याम श्याम भजि बारम्बारा।

सहज ही हो भवसागर पारा॥

इन सम देव न दूजा कोई।

दीन दयालु न दाता होई॥

भीमसुपुत्र अहिलवती जाया।

कहीं भीम का पौत्र कहाया॥

यह सब कथा सही कल्पान्तर।

तनिक न मानों इसमें अन्तर॥

बर्बरीक विष्णु अवतारा।

भक्तन हेतु मनुज तनु धारा॥

वसुदेव देवकी प्यारे।

जयति कृष्ण की दीन दुलारे॥

नन्द यशोदा नन्दकिशोरा।

हरे दुःख जनमें की खोरा॥

सुन्दर रूप मनोहर नाई।

कौन करे गुणगान बड़ाई॥

श्याम कहो या श्याम सुन्दर।

कोई न तुम सा नहीं है दूसर॥

श्याम बाबा का सुमिरन करिये।

अहो आनन्द विलास में तरिये॥

सौ-सौ दीनों का सहारा।

दीन-दुखी का तू रखवारा॥

हारे का तू सहारा कहलाये।

शीश के दानी तुम हो भाये॥

भोले नाथ का तू अवतारा।

सबने तुझको श्याम पुकारा॥

मन्दिर खाटू धाम विराजे।

सिर पर मोर मुकुट अति साजे॥

फाल्गुन शुक्ल द्वादशी सेवा।

श्याम भक्त लेते रस मेवा॥

एकादशी व्रत जो करते।

श्याम कृपा से सब दुख हरते॥

ध्वजा नारियल भोग लगावैं।

श्याम भक्त मंगल गीत गावैं॥

कर जोड़ कर विनती कीजै।

तू ही श्याम दर्शन दीजै॥

लीला रची जग के रखवाले।

धर्म की रक्षा करने वाले॥

प्रेम से जो भी नाम पुकारे।

दया करो सब दुःख निवारे॥

श्याम चालीसा जो नित गावै।

श्याम कृपा से सब सुख पावै॥

दोहा

श्याम बिहारी जी की, आरती जो गावै।

ऋद्धि सिद्धि सुख सम्पदा, मनवांछित फल पावै॥

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