BhaktiVed
कृष्ण

एवो केजो रे संदेशो ओधा

भजनरचना: મોરાર સાહેબ (Morar Saheb)
लिपि
अक्षर आकार

स्रोत और संपादकीय समीक्षा · समीक्षा दर्ज नहीं है
स्रोत
Gujarati Wikisource, https://gu.wikisource.org/wiki/એવો_કેજો_રે_સંદેશો_ઓધા (revision 207895)
स्रोत का विवरण
Text taken from the Wikisource transcription; script-converted to Devanagari

उपलब्ध स्रोत और समीक्षा का विवरण यहाँ दिया जाता है। लिपि बदलना अनुवाद नहीं है। परंपराओं में पाठांतर हो सकते हैं।

एवो केजो रे संदेशो ओधा

के जो रे संदेशो ओधा ! श्यामने…तमे छो मोयला आधार रे,

नीरख्या विना रे मारा नाथ, सूनो आ लागे संसार रे…

के जो रे संदेशो…

दिन दिन दुःखडां अति घणा, जोबन वह्यां वह्यां जाय रे ;

गोविंदा विना रे घेली गोपीयुं, अगनी केम रे ओलाय रे…

के जो रे संदेशो…

रतुं रे पलटियुं वनडां कोळिया, बोले बापैया रूडा मोर रे ;

पियु पियु शबद सोहामणा, चित्तडुं नो रिये मारूं ठोर रे…

के जो रे संदेशो…

जीवन ओधाजी ! मारुं जे थकी, अळगा केम रे रे वाय रे ;

जळ रे विछोई जेम माछली, जळमां रिये तो सुख थाय रे…

के जो रे संदेशो…

बळेलांने शुं बाळीए ? कानजी विचारो मनडा मांय रे ;

दरदीने दुःखडां तुं दईश मा, दरद सह्यां नव जाय रे…

के जो रे संदेशो…

आ रे संदेशो व्रजनारनो, वांचीने करजो विचार रे ;

दरशन देजो मोरारने, सानमां समजी लेजो सार रे…

के जो रे संदेशो…

इस पाठ का वीडियो नहीं है।YouTube पर खोजें

ये भी पढ़ें